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सेक्टर 105, नोएडा में अत्यंत भव्यता और आत्मीयता के साथ संपन्न हुआ करवा चौथ का पावन उत्सव

नोएडा ll​भारतीय संस्कृति के सबसे पवित्र, आदरणीय और सुहाग के प्रतीक पर्व ‘करवा चौथ’ के अवसर पर आज नोएडा के सेक्टर 105 स्थित कम्युनिटी सेंटर में एक ऐसा विहंगम और हृदयस्पर्शी दृश्य देखने को मिला, जिसने उपस्थित हर व्यक्ति के मन को श्रद्धा से भर दिया। आरडब्ल्यूए सेक्टर 105 के अध्यक्ष श्री दिव्य कृष्णात्रेय के मार्गदर्शन और प्रेरणा से आयोजित इस विशेष स्नेह मिलन एवं कथा समारोह में सेक्टर की अधिकांश माताओं और बहनों ने अभूतपूर्व उत्साह के साथ अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

​दिनभर बिना अन्न और जल के रहकर, अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य, आरोग्य और अटूट मंगलकामना के लिए निर्जला व्रत रखने वाली सेक्टर की इन देवियों का त्याग और समर्पण इस आयोजन की सबसे बड़ी शोभा रहा। सुहाग की इस पावन बेला में जब सेक्टर की बहुसंख्यक महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर कम्युनिटी सेंटर पहुँचीं, तो पूरा प्रांगण एक परिवार की तरह दमक उठा। व्रती महिलाओं के चेहरों पर व्रत की कठिन तपस्या के बावजूद एक अलौकिक तेज, संतोष और प्रसन्नता साफ झलक रही थी।

​कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सामूहिक रूप से करवा चौथ की पावन कथा का श्रवण रहा। सभी माताओं और बहनों ने एक स्वर में माता रानी से अपने सुहाग की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इस दौरान एक-दूसरे को सुहाग की सामग्री भेंट करने और पारंपरिक मंगल गीत गाने की गूंज ने पूरे वातावरण को पूरी तरह से पवित्र और सकारात्मक बना दिया। यह आयोजन महज़ एक व्रत की कथा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने पड़ोसियों के बीच आपसी प्रेम, भाईचारे और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक प्रगाढ़ कर दिया।

इस भव्य आयोजन के दौरान आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने भावुक और प्रेरणादायक शब्दों में सभी माताओं और बहनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि दिनभर की भूखी-प्यासी रहकर अपने जीवनसाथी के लिए निर्जला व्रत रखने वाली आप सभी देवियों का यह समर्पण हम सबके हृदय को नतमस्तक कर देता है। आपके इस पवित्र प्रेम और सनातन संस्कारों की महिमा शब्दों से परे है। आज सेक्टर 105 का पूरा परिवार इस स्नेह मिलन के माध्यम से आपकी इस तपस्या को आदरपूर्वक नमन करता है। आपका यह व्रत आप सभी के जीवन में अथाह खुशियों, अनंत सौभाग्य और उजियारे का प्रकाश लेकर आए, यही हमारी दिली कामना है।

कथा और पूजा के उपरांत सभी ने एक-दूसरे को गले मिलकर शुभकामनाएं दीं, बड़ों का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अद्भुत और स्नेहिल आयोजन ने पूरे शहर में पारिवारिक मूल्यों, आपसी जुड़ाव और सांस्कृतिक धरोहर का एक अत्यंत सुंदर और सकारात्मक संदेश दिया है।

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