प्रभु श्री राम के अयोध्या आगमन व भव्य राजतिलक का मंचन; जरूरतमंद बच्चों के साथ बांटी खुशियां
ग्रेटर नोएडा llप्रभु श्री रामलीला सेवा ट्रस्ट, ग्रेटर नोएडा वेस्ट द्वारा आयोजित *भव्य रामलीला महोत्सव 2026* में बुधवार को धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में एक ओर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की गई, वहीं दूसरी ओर प्रभु श्री राम के अयोध्या आगमन और भव्य राजतिलक का भावपूर्ण मंचन किया गया। इसी अवसर पर ट्रस्ट ने सामाजिक सरोकारों की मिसाल पेश करते हुए जरूरतमंद बच्चों के साथ खुशियां साझा कीं।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद हुआ प्रभु श्री राम के राजतिलक का भव्य मंचन:-कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिन्होंने दर्शकों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भक्ति के रंगों से सराबोर कर दिया। इसके बाद भगवान श्री राम के लंका विजय के पश्चात अयोध्या लौटने के प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के अयोध्या आगमन के दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
इसके उपरांत प्रभु श्री राम के भव्य राजतिलक का मंचन किया गया। इस पावन प्रसंग के माध्यम से कलाकारों ने रामराज्य की उस परिकल्पना को जीवंत किया, जिसमें न्याय, सत्य, धर्म, समानता और जनकल्याण सर्वोपरि हैं। पूरे आयोजन में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने जय श्री राम के जयघोष के साथ प्रभु के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
जरूरतमंद बच्चों के साथ मनाई खुशियों की शाम:-धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन के साथ-साथ ट्रस्ट ने मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए सेक्टर-3, ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित कार्यवाहक फाउंडेशन स्कूल के लगभग 15 बच्चों को रामलीला महोत्सव में आमंत्रित किया। इस अवसर पर बच्चों का स्वागत एवं सम्मान किया गया।
कार्यवाहक फाउंडेशन स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित परिवारों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करता है, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
रामलीला महोत्सव में पहुंचे बच्चों ने प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर में दर्शन किए, रामलीला का आनंद लिया और मेले में लगे विभिन्न आकर्षणों का भ्रमण किया। इसके बाद ट्रस्ट के सदस्यों ने बच्चों के साथ बैठकर रात्रि भोजन किया। बच्चों के साथ उनकी अध्यापिका पूनम जी भी उपस्थित रहीं।
यह पहल बच्चों के लिए केवल मनोरंजन का अवसर नहीं, बल्कि अपनत्व, सम्मान और सामाजिक समानता का अनुभव करने का एक यादगार पल बनी। ट्रस्ट के सदस्यों ने बच्चों के साथ समय बिताकर उनके चेहरों पर मुस्कान लाने का प्रयास किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
रामलीला के माध्यम से सेवा, संस्कार और मानवता का संदेश :-प्रभु श्री रामलीला सेवा ट्रस्ट का मानना है कि रामलीला केवल धार्मिक प्रसंगों के मंचन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को सेवा, त्याग, मर्यादा, करुणा और मानवता का मार्ग दिखाने वाला एक सशक्त माध्यम है। प्रभु श्री राम का जीवन हमें दूसरों के प्रति संवेदनशील रहने, अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने और समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान देने की प्रेरणा देता है।
ट्रस्ट की ओर से प्रभु श्री राम से प्रार्थना की गई कि सभी बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो, उन्हें बेहतर शिक्षा प्राप्त हो और वे जीवन में सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करें।
ट्रस्ट ने कहा कि उत्सव की वास्तविक खुशी तभी सार्थक होती है, जब समाज के हर वर्ग को उसमें सहभागी बनने का अवसर मिले। इसी भावना के साथ ट्रस्ट भविष्य में भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के साथ सामाजिक सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रभु श्री रामलीला सेवा ट्रस्ट का यह आयोजन संदेश देता है कि प्रभु श्री राम के आदर्शों पर चलने का सच्चा अर्थ केवल उनकी आराधना करना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में खुशियां लाना, बच्चों को सम्मान देना और समाज में प्रेम, सेवा एवं समरसता की भावना को मजबूत करना भी है।



