शुकदेव आगमन, कपिल अवतार और शिव-सती चरित से भक्तिमय हुआ नोएडा
नोएडा llश्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन आचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने सुनाया भागवत महात्म्य, पितृ पक्ष में कथा श्रवण का बताया विशेष महत्व नोएडा, 3 अक्टूबर। भारत विकास परिषद, नोएडा द्वारा धर्म, संस्कार एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से सेक्टर-33 स्थित शिल्प हाट के निकट हेलीपैड ग्राउंड में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला।

कथा व्यास पूज्य आचार्य श्री मृदुल कांत शास्त्री जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महात्म्य का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्री शुकदेव आगमन, श्री कपिल अवतार तथा श्री शिव-सती चरित के प्रसंगों का रसपूर्ण विवेचन किया।आचार्य श्री मृदुल कांत शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और सदाचार की दिशा देने वाला दिव्य मार्गदर्शन है। उन्होंने पितृ पक्ष में श्रीमद्भागवत कथा श्रवण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान का स्मरण, कथा श्रवण और पितरों का श्रद्धापूर्वक स्मरण आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता ह ,कथा के दौरान पूरा पंडाल “जय श्री राधे”, “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” और “जय गोपी चित्तचोर प्रभु” के जयघोष से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सपरिवार कथा का श्रवण किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आर.एन. मिश्रा, डीएसपी ट्रैफिक, नोएडा एवं प्रवीण रंजन ने व्यास पीठ का नमन किया। पूज्य श्री कृष्णकांत शास्त्री जी महाराज एवं जगद्गुरु सुदामा कुटी जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की आध्यात्मिक गरिमा को और बढ़ाया। इस अवसर पर गोपाल कृष्ण अग्रवाल एवं मधुसूदन दादू ने पूज्य आचार्य श्री मृदुल कांत शास्त्री जी महाराज का माल्यार्पण एवं शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया।कथा के मुख्य यजमान डॉ. वी.के. गुप्ता एवं श्रीमती रीना गुप्ता रहे।
भारत विकास परिषद, नोएडा के अध्यक्ष संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कथा स्थल पर पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा एवं स्वच्छता की व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन कथा के उपरांत भंडारा एवं प्रसाद की भी व्यवस्था है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सपरिवार कथा में शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सचिव अखिलेश भदौरिया, कोषाध्यक्ष अक्षय पारीक, महिला सहभागिता संयोजिका श्रीमती सुनीता मित्तल, पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक डॉ. टी.एन. गोविल, शाखा संरक्षक प्रताप मेहता, विपिन मल्हन, केशव गंगल, एन.के. अग्रवाल, रामरतन शर्मा, राकेश कत्याल, पंकज जिंदल, मुकुल वाजपेयी सहित परिषद के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे l



