आईएमएस लॉ कॉलेज में ओरियंटेशन का आयोजन न्यायपालिका और कानून के दिग्गजों ने छात्रों का किया मार्गदर्शन
नोएडा। सेक्टर-62 स्थित आईएमएस लॉ कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय ओरिएंटेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के पहले दिन कानून और न्यायपालिका के प्रतिष्ठित अतिथियों एवं विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर दिल्ली ज्यूडिशियल अकादमी के पूर्व निदेशक मनमोहन शर्मा, उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता एवं लीगल एक्सपर्ट डॉ. के.एस. भाटी तथा रंजन कपूर ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को विधि के क्षेत्र में सफलता के लिए निरंतर अध्ययन, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और व्यावहारिक ज्ञान के महत्व से अवगत कराया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति शम्भूनाथ श्रीवास्तव ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विधि शिक्षा केवल एक पेशे की तैयारी नहीं है, बल्कि यह समाज में न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को जिम्मेदार, संवेदनशील और नैतिक अधिवक्ता बनने के लिए प्रेरित किया।
ओरिएंटेशन के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आईएमएस नोएडा के वाइस प्रेसिडेंट चिराग गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि कानून के अध्ययन में केवल पुस्तकीय ज्ञान हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है। किसी भी विधि छात्र के लिए यह आवश्यक है कि वह समाज, न्याय और नैतिक मूल्यों से गहराई से जुड़कर सोचे और उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करे। उन्होंने कहा कि एक सफल अधिवक्ता या विधि विशेषज्ञ वही बन सकता है, जो किताबों से मिले ज्ञान को समाज की वास्तविक समस्याओं से जोड़कर व्यावहारिक समाधान निकालने की क्षमता विकसित करे।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को प्रेरित करते हुए आईएमएस के सलाहकार प्रोफेसर डॉ. जेके शर्मा ने कहा कि विधि की शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल करियर बनाना नहीं है, बल्कि न्याय की रक्षा करना, सामाजिक समानता को बढ़ावा देना और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करना है। इसलिए आवश्यक है कि छात्र अपने व्यक्तित्व में संवेदनशीलता, नैतिकता, तर्कशक्ति और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास करें, तभी वे भविष्य में न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में योगदान दे पाएंगे।
आईएमएस लॉ कॉलेज की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजुम हसन ने बताया कि इस दो दिवसीय कार्यक्रम में नए विद्यार्थियों को विधिक शिक्षा की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा। उनके साथ शैक्षणिक वातावरण के साथ-साथ भविष्य की संभावनाओं की तैयारी की चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान विधि क्षेत्र के शिक्षाविद और विशेषज्ञ छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे तथा उन्हें करियर निर्माण, नैतिक मूल्यों और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करेंगे।



