जन्माष्टमी के पावन अवसर पर BHOOKH ने किया 501 पौधों का वृक्षारोपण, वर्षभर में 30 हजार पौधे लगाने का संकल्प
प्गजियाबाद/नोएडा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के पावन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य करते हुए BHOOKH की टीम ने गाजियाबाद और नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में 501 पौधों का वृक्षारोपण किया। इस अभियान का उद्देश्य बढ़ते पर्यावरणीय संकट के बीच हरित क्षेत्र को बढ़ावा देना और लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।

भूख के अध्यक्ष अशोक पंडित की प्रेरणा से गाजियाबाद-नोएडा जिला प्रभारी धर्मेंद्र नागर के नेतृत्व में जन्माष्टमी के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर पौधे लगाए गए। संस्था ने पर्यावरण को हो रहे नुकसान को देखते हुए इस वर्ष कम से कम 30,000 पौधे लगाने का संकल्प लिया है।
भूख के सचिव अशोक गुप्ता ने कहा कि पौधे लगाना केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भूख की टीम ने पूरे समर्पण के साथ पौधारोपण किया है और जिन क्षेत्रों में पौधे लगाए गए हैं, वहां के नागरिकों से विशेष आग्रह किया गया है कि वे इन पौधों की नियमित रूप से देखभाल और सिंचाई करें।
उन्होंने कहा, “हमने पौधे लगाए हैं, अब इनकी देखभाल की जिम्मेदारी हम सभी की है। यदि आज हम इन पौधों को सींचेंगे और उनका संरक्षण करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को छांव और स्वच्छ वातावरण के लिए तरसना नहीं पड़ेगा।”
इस अवसर पर धर्मेंद्र नागर ने बताया कि वृक्षारोपण अभियान में स्थानीय लोगों और भूख से जुड़े सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में अमित नागर, सतेंद्र नागर, योगेश नागर, शिवम रोशा, शिव नागर, सुमित नागर, संजय नागर एवं सौरभ नागर सहित अन्य सहयोगी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
इस अभियान में भूख की 8 वर्षीय ब्रांड एंबेसडर सुश्री वाणी नागर की उपस्थिति भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। छोटी उम्र में पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक कार्यों से जुड़कर वाणी ने बच्चों और युवाओं के लिए एक सकारात्मक संदेश दिया। उनकी सहभागिता ने यह संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा की जिम्मेदारी उम्र नहीं देखती—हर व्यक्ति अपने स्तर पर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकता है।
भूख ने लोगों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि लगाए गए पौधों को जीवित रखने और उनका संरक्षण करने का संकल्प भी लें। संस्था का मानना है कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, हरियाली और बेहतर पर्यावरण की नींव है।



