स्मार्ट झाड़ू का UK डिजाइन पेटेंट, सफाई और अपशिष्ट प्रबंधन में आएगा नया बदलाव
नोएडा ll स्वच्छता और तकनीक के संगम की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (IMS), नोएडा के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. गोविंद प्रसाद गोयल ने एक अभिनव मल्टी-फंक्शनल झाड़ू (बROOM) डिवाइस का डिजाइन विकसित किया है, जिसे यूनाइटेड किंगडम के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफिस द्वारा आधिकारिक रूप से पंजीकृत किया गया है।
इस डिजाइन को UK डिजाइन रजिस्ट्रेशन संख्या 6511684 के तहत 11 मार्च 2026को पंजीकृत किया गया तथा 18 मार्च 2026 को इसे औपचारिक मान्यता प्रदान की गई। यह पेटेंट “Multi-Functional Broom with Suction-Based Manure Collection and Conversion Device” शीर्षक के अंतर्गत पंजीकृत है, जो सफाई उपकरणों की अंतर्राष्ट्रीय श्रेणी (Class 04 – Brushware) में आता है।
यह झाड़ू केवल पारंपरिक सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सक्शन-आधारित तकनीक का उपयोग कर कचरे और विशेष रूप से जैविक अपशिष्ट (manure) को एकत्रित करने और उसे उपयोगी रूप में परिवर्तित करने की क्षमता भी शामिल है। यह विशेषता इसे सामान्य झाड़ू से कहीं अधिक उन्नत और पर्यावरण के अनुकूल बनाती है।
भारत जैसे देश में, जहाँ स्वच्छता और कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है, यह नवाचार नगर निगमों, ग्रामीण स्वच्छता अभियानों और व्यक्तिगत उपयोग के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकता है। विशेष रूप से “स्वच्छ भारत अभियान” के तहत यह डिवाइस ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक खाद निर्माण को सरल और प्रभावी बना सकता है।
डॉ. गोयल का यह आविष्कार शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सफाई के तरीकों को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल श्रम में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
UK में इस डिजाइन का पंजीकरण भारतीय नवाचार और बौद्धिक क्षमता की वैश्विक स्तर पर स्वीकृति का प्रतीक है। यह उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में यह तकनीक ‘मेड इन इंडिया’ पहल के अंतर्गत आम नागरिकों के लिए किफायती दरों पर उपलब्ध होगी और स्वच्छ, हरित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।



