साइबर क्राइम द्वारा हेंकिंग & डाटा चोरी का डर दिखा विदेशी नागरिको के साथ धोखाधडी करने वाले 04 अपराधी गिरफ्तार
नोएडा llथाना साइबर क्राइम नोएडा द्वारा संकलित तकनीकी सूचना एवं लोकल इन्टेलिजेन्स के आधार पर Tech Support के नाम पर हेंकिंग व डाटा चोरी का भय दिखाकर विदेशी नागरिको के साथ साइबर धोखाधडी करने वाले 04 साइबर अपराधियो को दिनांक 07.04.2026 को सेक्टर 76 नोएडा से गिरफ्तार किया गया। जिनके द्वारा अभी तक विदेशी नागरिको से करोडो रुपये की धोखाधडी की जा चुकी है। अभियुक्तगण के कब्जे से भारी मात्रा मे लैपटॉप व मोबाइल फोन आदि बरामद किये गये है।
अभियुक्तगण द्वारा Tech Support के नाम पर इंटरनेट एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर paid विज्ञापन चलाकर विदेशी नागरिकों को कॉल करने हेतु टोल-फ्री नंबर प्रदर्शित किया जाता था। जैसे ही विज्ञापन विदेशी नागरिको द्वारा देखे जाते थे तो वे विज्ञापन पर अभियुक्तगण द्वारा प्रदर्शित कराये गये नम्बरो पर कॉल करते थे, तो कॉल अभियुक्तगण के लैपटॉप पर कॉलिंग इन्सटॉल साफ्टवेयर पर रिसीव होती थी, इस साफ्टवेयर पर टोल फ्री नम्बर इन्सटॉल्ड थे। कॉल प्राप्त होने पर ये लोग स्वयं को टेक्निकल सपोर्ट एजेंट बताकर विदेशी नागरिको को यह विश्वास दिलाते थे कि उनका कंप्यूटर/डिवाइस हैक हो गया है। तत्पश्चात स्क्रीन शेयरिंग एप के माध्यम से उनकी स्क्रीन एक्सेस कर बैंकिंग जानकारी प्राप्त कर लेते थे तथा वास्तविक हैंकिंग का भय दिखाने के लिए कम्प्यूटर स्क्रीन को ब्लैक कर देते थे जिससे विदेशी नागरिक भयभीत हो जाता था, इसके पश्चात उसकी बैंकिंग क्रेडेन्शियल का प्रयोग करते हुए यह पता करते थे कि विदेशी नागरिक के खाते मे कितनी रकम है। यदि खाते मे कम धन होता था तो 350 से 2000 यूएसडी तक की धनराशि वसूलते थे, और यदि धन अधिक होता था तो अभियुक्तगण केस को सिनियर के पास ट्रान्सफर कर देते थे, ये सिनियर कॉलिंग साफ्टवेयर पर ही जुडे होते थे इस प्रकार धोखाधडी से प्राप्त की गयी धनराशी को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से प्राप्त कर आपस में बांट लेते थे। अब तक की पूछताछ व अभियुक्तगण से बरामद मोबाइल फोन व लैपटॉप से धोखाधडी से सम्बंधित करोडो रुपये के लेनदेने के प्रमाण प्राप्त हुए है।
साइबर जागरूकता संदेश
1- साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन: 1930 या वेबसाइट: National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज कराये ।
2- किसी भी कंपनी के नाम पर आए कॉल/विज्ञापन पर तुरंत भरोसा न करें।
3- टोल-फ्री नंबर की सत्यता जांचें व केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही कस्टमर केयर नंबर लें।
4- स्क्रीन शेयरिंग से बचें तथा किसी अज्ञात व्यक्ति को एप आदि के माध्यम से अपने सिस्टम को रिमोट एक्सेस न दें।
5- बैंकिंग जानकारी साझा न करें तथा OTP, पासवर्ड, कार्ड डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें।
6- डराने वाले मैसेज से सतर्क रहें – “आपका सिस्टम हैक हो गया है” जैसे संदेश अक्सर धोखाधड़ी का हिस्सा होते हैं।



