सुदिति ग्लोबल एकेडमी के नन्हे हाथों ने जेल की चारदीवारी तक पहुंचाया प्रेम का संदेश

इटावा। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सुदिति ग्लोबल एकेडमी के विद्यार्थियों ने प्रेम, अपनत्व और मानवीय संवेदना की अनूठी मिसाल पेश की। विद्यालय में आयोजित राखी मेकिंग प्रतियोगिता में कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर 500 से अधिक राखियां तैयार कीं, जिन्हें इटावा केंद्रीय कारागार में निरुद्ध बंदियों के लिए भेजा गया।

विद्यालय के प्रबंध निदेशक मयंक कुमार एवं प्रधानाचार्य कमल कुमार के मार्गदर्शन में तैयार राखियां छात्रा आध्या मिश्रा (कक्षा 7), छात्र ब्रह्म, चित्रकला शिक्षिका निधि सक्सेना एवं शिक्षक नारायण हरि चौधरी ने केंद्रीय कारागार पहुंचकर प्रदान कीं। इस दौरान छात्रा आध्या मिश्रा ने वरिष्ठ अधीक्षक राजीव शुक्ला, जेलर के.पी. सिंह, जेलर सुनील कुमार एवं डिप्टी जेलर हिना को राखी बांधी। जेल प्रशासन के सहयोग से महिला एवं अन्य बंदियों को भी राखियां बंधवाकर रक्षाबंधन का स्नेह संदेश दिया गया।

वरिष्ठ अधीक्षक राजीव शुक्ला एवं जेल अधिकारियों ने बच्चों की इस संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए कहा कि ये राखियां केवल धागे नहीं, बल्कि प्रेम, अपनत्व और समाज से जुड़ाव की भावनाओं का प्रतीक हैं।
विद्यालय में प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को प्रबंध निदेशक श्री मयंक कुमार एवं प्रधानाचार्य श्री कमल कुमार ने मोमेंटो एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। इस आयोजन में विद्यालय के शिक्षकों एवं विंग प्रमुखों का विशेष सहयोग रहा।
सुदिति ग्लोबल एकेडमी की इस पहल ने रक्षाबंधन को एक नई सार्थकता देते हुए यह संदेश दिया कि प्रेम की डोर जेल की ऊंची दीवारों को भी पार कर सकती है। नन्हे हाथों से बनी इन राखियों ने बंदियों तक स्नेह पहुंचाने के साथ विद्यार्थियों में संस्कार, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत किया।



