प्रभु श्री रामलीला ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सजेगा भव्य रामायण लोक, 15 दिन दिखेगा जीवंत रामायण का संसार
ग्रेटर नोएडा l,। ग्रेटर नोएडा वेस्ट इस वर्ष शारदीय नवरात्र और दशहरा के अवसर पर रामायण की भव्य एवं जीवंत प्रस्तुति का साक्षी बनने जा रहा है। प्रभु श्री रामलीला सेवा ट्रस्ट ने ‘प्रभु श्री रामलीला 2026’ की घोषणा करते हुए बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 10 से 24 अक्टूबर 2026 तक 15 दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, 50 बीघे से अधिक क्षेत्र में प्रस्तावित यह आयोजन पारंपरिक रामलीला को आधुनिक मंच, तकनीक, संस्कृति, खान-पान और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ते हुए एक बड़े सांस्कृतिक अनुभव के रूप में प्रस्तुत करेगा।

ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक यादव ने कहा कि महोत्सव में प्रतिदिन 40,000 से 50,000 दर्शकों के पहुंचने की संभावना है। आयोजन को परिवारों, बच्चों, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और पर्यटकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसे प्लास्टिक-मुक्त सांस्कृतिक आयोजन के रूप में विकसित करने की भी योजना है। महोत्सव की विस्तृत जानकारी साझा करने के लिए ट्रस्ट की ओर से 16 अगस्त को गौड़ सिटी-2 स्थित सर्वोदय हॉस्पिटल में प्रेस वार्ता आयोजित की गई।

सिर्फ रामलीला नहीं, छह घंटे का पारिवारिक अनुभव-आयोजक दीपक यादव का कहना है कि ‘प्रभु श्री रामलीला 2026’ का उद्देश्य केवल मंच पर रामायण का मंचन करना नहीं, बल्कि दर्शकों को रामायण की कथा, भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है। ट्रस्ट के अनुसार, आज भी बड़ी संख्या में लोग रामलीला को केवल एक मंचीय प्रस्तुति के रूप में देखते हैं, जबकि रामायण में धर्म, त्याग, मर्यादा, साहस, परिवार, नेतृत्व और विश्वास जैसे मूल्य समाहित हैं। इसी विचार को केंद्र में रखते हुए महोत्सव परिसर को इस तरह विकसित करने की योजना है कि दर्शक केवल रामलीला देखकर वापस न लौटें, बल्कि पूरे आयोजन क्षेत्र में घूमकर विभिन्न सांस्कृतिक अनुभवों का हिस्सा बन सकें। ट्रस्ट के अनुसार, एक परिवार के यहां करीब पांच से छह घंटे रुकने की संभावना है और शाम से रात तक यहां विभिन्न गतिविधियां दर्शकों को आकर्षित करेंगी।
राम बाजार से फूड स्ट्रीट तक होंगे कई आकर्षण- 15 दिनों के इस महोत्सव में दर्शकों के लिए कई अलग-अलग अनुभव तैयार किए जाएंगे। इनमें ‘राम बाजार’ प्रमुख आकर्षण होगा, जहां भारतीय शिल्प, संस्कृति और वाणिज्य को एक मंच मिलेगा। इसके साथ ही फूड स्ट्रीट में अलग-अलग क्षेत्रों के खान-पान का स्वाद उपलब्ध कराने की योजना है। आयोजकों के अनुसार ट्रस्ट के महासचिव देव मिश्रा ने कहा कि महोत्सव में 250 से अधिक चयनित अनुभव शामिल किए जाएंगे। इनमें देश की जीवंत परंपराओं, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने वाले क्षेत्र भी शामिल होंगे। इस आयोजन का एक उद्देश्य स्थानीय और पारंपरिक कला, शिल्प तथा सांस्कृतिक विरासत को आम लोगों तक पहुंचाना भी है। महोत्सव परिसर में ‘जब आकाश बने मंच’ थीम के तहत रात में ड्रोन शो भी प्रस्तावित है। आधुनिक लाइटिंग और प्रोजेक्शन तकनीक के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने की योजना है।
60×60 फीट का राम मंदिर होगा विशेष आकर्षण-मीडिया प्रभारी हर्षिता सिंह ने बताया कि परिसर के केंद्र में करीब 60×60 फीट का भव्य राम मंदिर स्थापित किया जाएगा। इसमें क्रोम फिनिश के साथ लगभग 5 से 6 फीट ऊंची रामलला की प्रतिमा स्थापित किए जाने की योजना है। ट्रस्ट के अनुसार, रामलला की प्रतिमा को विशेष रूप से अयोध्या से सड़क मार्ग के माध्यम से लाया जाएगा। राम मंदिर और आसपास के क्षेत्र को करीब 4,000 वर्ग फीट की एलईडी लाइटिंग से सजाने की योजना है। इससे पूरे परिसर को आकर्षक और आध्यात्मिक वातावरण देने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं, दशहरा के अवसर पर 85 फीट से अधिक ऊंचे रावण के पुतले का दहन महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण होगा। आयोजकों का कहना है कि रावण दहन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रभु श्री रामलीला 2026 का आयोजन 10 अक्टूबर से 24 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तावित है। आयोजन की शुरुआत और समापन दोनों को विशेष रूप से तैयार किया जाएगा। ट्रस्ट के अनुसार, महोत्सव के दौरान रामायण की कथा को आधुनिक तकनीक और पारंपरिक रंगमंच के संयोजन के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन में प्रकाश, ध्वनि और आधुनिक प्रोजेक्शन का इस्तेमाल करते हुए प्राचीन कथा को आधुनिक दर्शकों के अनुरूप प्रस्तुत करने की योजना है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से नई पीढ़ी को रामायण के मूल संदेशों से जोड़ना है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट को ही क्यों चुना गया – ट्रस्ट के अनुसार, ग्रेटर नोएडा वेस्ट तेजी से विकसित हो रहा प्रमुख आवासीय क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में युवा पेशेवर, नए परिवार, बच्चे और बहु-पीढ़ी वाले परिवार निवास करते हैं। ऐसे में यह क्षेत्र बड़े सांस्कृतिक आयोजन के लिए उपयुक्त माना गया है। आयोजकों का कहना है कि शहरी जीवनशैली में परिवारों के पास सामूहिक रूप से सांस्कृतिक गतिविधियों में समय बिताने के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। ऐसे में रामलीला को केवल दो-तीन घंटे की प्रस्तुति तक सीमित रखने के बजाय इसे परिवार के साथ पूरा दिन बिताने वाले सांस्कृतिक अनुभव के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
भूमि पूजन से होगी आयोजन की शुरुआत – ट्रस्ट के मुताबिक, ‘प्रभु श्री रामलीला 2026’ की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत भूमि पूजन से होगी। यह कार्यक्रम 23 अगस्त 2026 को टेक जोन-4, कमर्शियल बेल्ट, एक मूर्ति के पास, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आयोजित किया जाएगा। भूमि पूजन को निर्माण कार्य शुरू होने से पहले महोत्सव परिसर को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से समर्पित करने के अवसर के रूप में आयोजित किया जाएगा।
दीपक यादव बोले— नई पीढ़ी रामायण को देखे नहीं, जिए प्रभु श्री रामलीला सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक यादव ने कहा कि रामायण केवल अतीत की एक कथा नहीं है, बल्कि आज भी करोड़ों भारतीयों को नेतृत्व, परिवार, त्याग और उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों को समझने की दृष्टि देती है। उन्होंने कहा कि ‘प्रभु श्री रामलीला 2026’ का प्रयास है कि नई पीढ़ी रामायण की कथा को केवल देखे नहीं, बल्कि उसके मूल संदेशों को अपने जीवन से जोड़कर महसूस करे। उनके मुताबिक, आधुनिक तकनीक और पारंपरिक सांस्कृतिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाकर आयोजन को तैयार किया जा रहा है।
फाउंडिंग पार्टनर्स से जुड़ने की अपील – ट्रस्ट महासचिव देव मिश्रा का कहना है कि महोत्सव के लिए विभिन्न संगठनों और संस्थानों को फाउंडिंग पार्टनर के रूप में जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है। ट्रस्ट के अनुसार, ऐसे संस्थानों को केवल प्रायोजक के तौर पर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के लिए एक वार्षिक सांस्कृतिक संस्था के निर्माण में सहभागी के रूप में देखा जा रहा है। ट्रस्ट का कहना है कि यदि यह आयोजन सफल होता है तो आने वाले वर्षों में इसे और व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है।



